आज आपको भारत मे सोशल मीडिया पर अक्सर हिन्दू वर्ग दलित समाज के लोग हिन्दू देवी देवताओं से संबंधित आपत्तिजनक पोस्टों को बनाना व उसका प्रचार प्रसार करते दिखाई देते है लेेेकिन वो असल में दलित है ही नहीं कुछ चंद रुपयों के खातिर तो अपना जमीर मिसिनरी को बेच दिया। और साजिश दलित समाज को बदनाम करने का।और नेता भीम आर्मी को बताता है जो की जमातियों की जूतियां साफ करते है।और क्रिश्चियन मिसिनरी से इनका पोषण होता है।और हिन्दू दलित का धर्मपरिवर्तन करा कर हिन्दू देवी देवता को अपमान कराना ही मिसिनरी की मुख्य पहल होती है।और मुख्य बड़ी मीडिया इससे पल्ला झाड़ देती है।ये उसका अपना कोई कारण होगा।लेकिनआपको कुछ पुराने समय की याद कराते हुए बताने का छोटा सा प्रयास की भारतवर्ष में मिसिनरी में धर्मपरिवर्तन सबसे ज्यादा दलित से क्रिचिश्यन होना एक बहुत बड़े कूटरचित माध्यम से देश मे रह रही आबादी का सरकारी डाटा बेस इन मिशनरियों को कांग्रेस ने ही उपलब्ध कराने का काम किया और आज की सरकार (सी ए ए) ( एन आर सी)व (एन पी आर) पर बात करती है ।तो वही कांग्रेस पार्टी के लोग शाहीन बाग घेर लेते है।दंगे करवा देते है ।यानी पूरी सोच से अवगत कराते है कि हम वही 70 सालो वाले देश के लुटेरे है ।लोक छाया समाचार का मानना है कि देश की दूसरी समस्या धर्मपरिवर्तन करा चुके वो हिन्दू भी है जो अपने ही देवी देवताओं का अपमान करने में व फ़ोटो वायरल करने में बड़ा फक्र महसूस करते है ।और सारे दलित समाज को बदनाम व अपमानित भी करते है।सोचिये कैसे देश के ऊपर कुठाराघात किया है इन कांग्रेसियो ने।
धर्मपरिवर्तन के नाम पर दलित समाज की बलि आखिर कब तक ।