कानपुर शहर की एल आई यू व पुलिस प्रशासन धृतराष्ट्र के रूप में है विधमान। और योगी जो को करते है भ्रमित।नगर में बनी बड़ी ईदगाह का नाम कब बदल कर मरकजी ईदगाह रख दिया जाता है।ये स्वयं अधिकारियों को भी नही मालूम होगा। महज बजरिया थाने से 200 मीटर दूर स्थित बड़ी ईदगाह का नाम बदल जाता है और शासन प्रशासन को भनक तक नही लगती ।आखिर क्या थी मरकज की मरकिजी जमात की सोच व मनसा भारत के प्रति। ये पूरे देश को मालूम हो चुका था।लेकिन शायद योगी जी के कानपुर नगर आला अधिकारियों को अभी भी समझ नही आ रहा।जिसकी बानगी बनी है शहर में मरकजी ईदगाह। लोक छाया समाचार पत्र
कानपुर नगर में मरकज व तब्लीकी जमात के होते विस्तार का जिम्मेदार आखिर कौन ?