सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति धड़ाम, जिंदा को मुर्दा दिखाकर धन लूट रहे अफसरान

 


पीएम-सीएम के निर्देशों को भी नहीं मानता भष्ट्राचारी बाबू


जिदों को मुर्दा दिखाकर भष्ट्र बाबू बनायी आय से अधिक सम्पत्ति


बिल्हौर तहसील में कायम है भष्ट्र बाबू का जलवा, मृतकों का करा देता है झूठा सत्यापन


कानपुर। भष्ट्राचार पर जीरों टॉलरेंस नीति का बखान करने वाले सीएम योगी को उन्हीं के सरकारी नुमाइदें मात देने पर तुले है। ताजा प्रकरण विकास भवन के समाज कल्याण विभाग से जुड़ा है। सामाजिक कल्याण के रूप में यहां तैनात अफसर जिंदा इसानों को कागजी कफन उड़ाने से जरा भी नहीं हिचकते। ऐसे घोटालों का क्रम बदस्तूर अब भी जारी है। बावजूद इसके कोई भी जिम्मेदार अफसर इंसानियत को शर्मशार कर देने वाले ऐसे प्रकरण पर एक्शन लेने को तैयार नहीं। मालूम हो कि मृतक आश्रितों वास्ते केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही है। योजनाओं का क्रियान्वयन सही व सुचारु रुप से जारी रहे लिहाजा इसका जिम्मा विकास भवन के समाज कल्याण विभाग के पास है। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को कम भष्ट्र अफसरों को ज्यादा मिल रहा है। इस खेल का मास्टरमाइंड करीब बारह वर्षों से तैनात बाबू प्रेम सरन बताया जाता है। सूत्रों की मानें तो भष्ट्राचारी बाबू प्रेम सरन ने बिल्हौर तहसील में अपना वर्चस्व कायम कर रखा है। इनके अपने एजेंट भी कमीशन पर सेट है। बताते चलें कि उक्त प्रेम सरन प्रमुख रुप से मृतक आश्रित पारिवारिक लाभ योजना का कार्य देखते है। इस योजना के तहत 18 से 59 वर्ष के बीच पुरुष या महिला की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो सरकारी लाभ के रुप में पीडि़त परिवार को 30,000 आर्थिक मदद के तौर पर दिए जाते है। मृतक के प्रपत्रों को जांचने व परखने का कार्य तहसील स्तर पर होता है। सूत्रों के अनुसार उक्त बाबू प्रेम सरन मृतक आश्रित योजना में जमकर खेल कर रहा है। जिंदा इंसानों को कागजी कफन उड़ाने का काम इसके बायें हाथ का खेल है। बिल्हौर तहसील अन्तर्गत आने वाले ग्रामों में यह खेल चरम सीमा पर है। मास्टरमाइंड उक्त बाबू ने सरकारी योजनाओं को कमाई की ढाल बनाकर आय से अधिक करोड़ों की चल-अचल सम्पत्ति भी अर्जित की है। ऐसे में अहम सवाल यह है कि


                ''सीएम योगी द्वारा निरंतर भष्ट्राचार को उखाड़ फेकनें वाला नारा क्या उनके लिए आगामी विधानसभा चुनाव को जीतने में मददगार होगा या उनके सरकारी भष्ट्र नुमाइदें ही उन्हें बैकफुट पर रखेंगे।“